चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया रोज़मर्रा के कार्य के लिए शुभ समय चुनने की एक लोकप्रिय वैदिक मुहूर्त पद्धति है। दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है, हर भाग एक ग्रह द्वारा शासित होता है और अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग कहलाता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं; चर सामान्य है; उद्वेग, काल और रोग टाले जाते हैं। चूँकि ये वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर हैं, Astronaad इन्हें ऊपर के हर शहर के लिए मिनट तक गणना करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- चौघड़िया क्या है?
- चौघड़िया एक वैदिक मुहूर्त पद्धति है जो दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बाँटती है। हर भाग एक ग्रह द्वारा शासित होता है और अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग कहलाता है। अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चर सामान्य है, और उद्वेग, काल व रोग नए कार्यों के लिए टाले जाते हैं।
- सबसे शुभ चौघड़िया कौन सा है?
- अमृत (चंद्रमा द्वारा शासित) सबसे शुभ है, किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए आदर्श। फिर शुभ (गुरु) और लाभ (बुध) आते हैं। चर (शुक्र) सामान्य है और यात्रा व गति के लिए अच्छा माना जाता है।
- चौघड़िया हर शहर में अलग क्यों होता है?
- यह स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से मापा जाता है, जो अक्षांश, देशांतर और तिथि के अनुसार बदलते हैं। इसलिए एक शहर की तालिका दूसरे के लिए ग़लत होती है — हम हर शहर के लिए सूर्य की वास्तविक स्थिति से गणना करते हैं।
- चौघड़िया और राहु काल में क्या अंतर है?
- दोनों शुभ समय चुनने में मदद करते हैं। राहु काल प्रतिदिन एक अशुभ ~90 मिनट का समय दर्शाता है; चौघड़िया दिन और रात के आठों भागों को लेबल करता है, ताकि आप केवल क्या टालना है ही नहीं, बल्कि सबसे अच्छा समय भी पा सकें।
